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Sadgi To Hamari Zara Dekhiye

Sadgi To Hamari Zara Dekhiye

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Sadgi To Hamari Zara Dekhiye Lyrics | Sadgi To Hamari Zara Dekhiye Lyrics In Hindi | Saadgi To Hamari Zara Dekhiye Lyrics | Zikr Ek Bewafa Aur Sitamgar Ka Tha Lyrics

Sadgi To Hamari Zara Dekhiye (सादगी तो हमारी ज़रा देखिए) is a an Urdu Qawwali by Ustad Nusrat Fateh Ali Khan. The song is penned, composed, and performed by Ustad Nusrat Fateh Ali Khan. Ustad Nusrat Fateh Ali Khan’s Sadgi To Hamari Zara Dekhiye lyrics in Hindi and in English are provided below.

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सादगी तो हमारी ज़रा देखिए
सादगी तो हमारी ज़रा देखिए
एतबार आपके वादे पर कर लिया

सादगी तो हमारी ज़रा देखिए
सादगी तो हमारी ज़रा देखिए
सादगी तो हमारी…

मस्ती में एक हसीं को ख़ुदा कह गए हैं हम
जो कुछ भी कह गए हैं, वजह कह गए हैं हम

सादगी तो हमारी ज़रा देखिए
सादगी…
सादगी…
सादगी तो हमारी ज़रा देखिए
सादगी तो…

सादगी तो हमारी ज़रा देखिए
सादगी तो हमारी…

वारफ़्तगी तो देखो हमारे ख़ुलूस की
किस सादगी से तुझको ख़ुदा कह गए हैं हम

सादगी तो हमारी ज़रा देखिए
सादगी तो हमारी…

किस शौक़…
किस शौक़, किस तमन्ना, किस दर्जा सादगी से
हम आपकी शिकायत करते हैं आप ही से

सादगी तो हमारी ज़रा देखिए
सादगी तो हमारी…

ए तेरे अताद के रूदाद हो गए हैं हम
तेरे अताद के रूदाद हो गए हैं हम
बड़े ख़ुलूस से बर्बाद हो गए हैं हम

…ज़रा देखिए
सादगी तो हमारी ज़रा देखिए
एतबार आपके वादे पर कर लिया
सादगी तो हमारी ज़रा देखिए
सादगी तो हमारी ज़रा देखिए

सादगी तो हमारी ज़रा देखिए
एतबार आपके वादे पर कर लिया
एतबार आपके वादे पर कर लिया

बात तो सिर्फ़ एक रात की थी, मगर
बात तो सिर्फ़ एक रात की थी, मगर
इंतिज़ार आपका उम्र-भर कर लिया
इंतिज़ार आपका उम्र-भर कर लिया

इंतिज़ार आपका उम्र-भर कर लिया
कर लिया, कर लिया
बात तो सिर्फ़ एक रात की थी, मगर
इंतिज़ार आपका उम्र-भर…

बात तो सिर्फ़ एक रात की थी, मगर
इंतिज़ार आपका उम्र-भर कर लिया

इश्क़ में उलझनें पहले ही कम ना थीं
इश्क़ में उलझनें पहले ही कम ना थीं
इश्क़ में उलझनें पहले ही कम ना थीं
इश्क़ में उलझनें पहले ही कम ना थीं

इश्क़ में उलझनें पहले ही कम ना थीं
इश्क़ में उलझनें पहले ही कम ना थीं
कम ना थीं, कम ना थीं
इश्क़ में उलझनें पहले ही कम ना थीं

इश्क़ में उलझनें पहले ही कम ना थीं
इश्क़ में उलझनें पहले ही कम ना थीं
और पैदा नया दर्द-ए-सर कर लिया
और पैदा नया दर्द-ए-सर कर लिया

लोग डरते हैं क़ातिल की परछाई से
लोग डरते हैं क़ातिल की परछाई से
हमने क़ातिल के दिल में भी घर कर लिया
लोग डरते हैं क़ातिल की परछाई से
हमने क़ातिल के दिल में भी घर कर लिया
लोग डरते हैं क़ातिल की परछाई से
हमने क़ातिल के दिल में भी घर कर लिया

ए ज़िक्र एक बेवफ़ा और सितमगर का था
ज़िक्र एक बेवफ़ा और सितमगर का था
ज़िक्र एक बेवफ़ा और सितमगर का था
ज़िक्र एक बेवफ़ा और सितमगर का था

शिकवा किया सितम का तो नम-दीदा हो गए
तुम तो ज़रा सी बात पे रंजीदा हो गए

ज़िक्र एक बेवफ़ा और सितमगर का था
ज़िक्र एक बेवफ़ा और सितमगर का…
ज़िक्र एक बेवफ़ा और सितमगर का था
ज़िक्र एक बेवफ़ा और सितमगर का था
ज़िक्र एक बेवफ़ा और सितमगर का था

तेरा ज़ुल्म नहीं है शामिल ‘गर मेरी बर्बादी में
फिर ये आँखें भीग रही हैं क्यूँ मेरे अफ़साने से?

ज़िक्र एक बेवफ़ा और सितमगर का था
ज़िक्र एक बेवफ़ा और…
ज़िक्र एक बेवफ़ा और सितमगर का था

मेरी हालत देखकर तुम क्यूँ परेशाँ हो गए?

ज़िक्र एक बेवफ़ा और सितमगर का था
ज़िक्र एक बेवफ़ा और…
ज़िक्र एक बेवफ़ा और सितमगर का था

ज़िक्र एक बेवफ़ा और सितमगर का था
ज़िक्र एक बेवफ़ा और सितमगर का था
आपका ऐसी बातों से क्या वास्ता?
आपका ऐसी बातों से क्या वास्ता?

ज़िक्र एक बेवफ़ा और सितमगर का था
आपका ऐसी बातों से क्या वास्ता?
आप तो बेवफ़ा और सितमगर नहीं
आप तो बेवफ़ा और सितमगर नहीं
आपने किस लिए मुँह उधर कर लिया?
आप तो बेवफ़ा और सितमगर नहीं
आपने किस लिए मुँह उधर कर लिया?
आप तो बेवफ़ा और सितमगर नहीं
आपने किस लिए मुँह उधर कर लिया?

आप तो बेवफ़ा और सितमगर नहीं
आप तो बेवफ़ा और सितमगर नहीं
आप तो बेवफ़ा…

जब तुलू’ आफ़ताब होता है
ग़म के सागर उछाल देता हूँ
तज़्करा जब वफ़ा का होता है
मैं तुम्हारी मिसाल देता हूँ

आप तो बेवफ़ा और सितमगर नहीं
आप तो बेवफ़ा…

आप तो…
आप तो बेवफ़ा और सितमगर नहीं
आप तो बेवफ़ा और…

क्यूँ आँख मिलाई थी? क्यूँ आग लगाई थी?
अब रुख़ क्यूँ छुपा बैठे करके मुझे दीवाना?

आप तो बेवफ़ा और सितमगर नहीं
आप तो…

आप तो बेवफ़ा और सितमगर नहीं
आप तो बेवफ़ा और सितमगर नहीं
आपने किस लिए मुँह उधर कर लिया?
आप तो बेवफ़ा और सितमगर नहीं
आपने किस लिए मुँह उधर कर लिया?

ज़िंदगी-भर के शिकवे-गिले थे बहुत
ज़िंदगी-भर के शिकवे-गिले थे बहुत
ज़िंदगी-भर के शिकवे-गिले थे बहुत
वक़्त इतना कहाँ था कि दोहराते हम
वक़्त इतना कहाँ था कि दोहराते हम

ज़िंदगी-भर के शिकवे-गिले थे बहुत
वक़्त इतना कहाँ था कि दोहराते हम
एक हिचकी में कह डाली सब दास्ताँ
एक हिचकी में कह डाली सब दास्ताँ
हमने क़िस्से को यूँ मुख़्तसर कर लिया
एक हिचकी में कह डाली सब दास्ताँ
हमने क़िस्से को यूँ मुख़्तसर कर लिया

ए बेक़रारी मिलेगी, लुटेगा सुकूँ
बेक़रारी मिलेगी, लुटेगा सुकूँ
बेक़रारी मिलेगी, लुटेगा सुकूँ

ए बेक़रारी मिलेगी, लुटेगा सुकूँ
चैन छिन जाएगा, नींद उड़ जाएगी
अपना अंजाम सब हमको मालूम था
अपना अंजाम सब हमको मालूम था
आप से दिल का सौदा मगर कर लिया

अपना अंजाम सब हमको मालूम था
आप से दिल का सौदा मगर कर लिया
अपना अंजाम सब हमको मालूम था
आप से दिल का सौदा मगर कर लिया
अपना अंजाम सब हमको मालूम था
आप से दिल का सौदा मगर कर लिया

आप से दिल का सौदा मगर कर लिया
कर लिया, कर लिया, कर लिया
अपना अंजाम सब हमको मालूम था
आप से दिल का सौदा मगर कर लिया

ए ज़िंदगी के सफ़र में बहुत दूर तक
ज़िंदगी के सफ़र में बहुत दूर तक
ज़िंदगी के सफ़र में बहुत दूर तक

ज़िंदगी के सफ़र में बहुत दूर तक
जब कोई दोस्त आया ना हमको नज़र
जब कोई दोस्त आया ना हमको नज़र

हमने घबरा के तन्हाइयों से सबा
हमने घबरा के तन्हाइयों से सबा
एक दुश्मन को ख़ुद हमसफ़र कर लिया
हमने घबरा के तन्हाइयों से सबा
एक दुश्मन को ख़ुद हमसफ़र कर लिया

हमने घबरा के तन्हाइयों से सबा
एक दुश्मन को ख़ुद हमसफ़र कर लिया
हमने घबरा के तन्हाइयों से सबा
एक दुश्मन को ख़ुद हमसफ़र कर लिया

सादगी तो हमारी ज़रा देखिए
एतबार आपके वादे पर कर लिया
सादगी तो हमारी ज़रा देखिए
एतबार आपके वादे पर कर लिया

Sadgi to hamari zara dekhiye
Sadgi to hamari zara dekhiye
Sadgi to hamari zara dekhiye
Etbaar aapke waade par kar liya

Sadgi to hamari zara dekhiye
Sadgi to hamari zara dekhiye
Sadgi to hamari…

Masti mein ek haseen ko khuda keh gaye hain hum
Jo kuch bhi keh gaye hain, wajah keh gaye hain hum

Sadgi to hamari zara dekhiye
Sadgi…
Sadgi…
Sadgi to hamari zara dekhiye
Sadgi to…

Sadgi to hamari zara dekhiye
Sadgi to hamari…

Waaraftagi toh dekho hamare khuloos ki
Kis sadgi se tujhko khuda keh gaye hain hum

Sadgi to hamari zara dekhiye
Sadgi to hamari…

Kis shauq…
Kis shauq, kis tamanna, kis darja sadgi se
Hum aapki shikayat karte hain aap hi se

Sadgi to hamari zara dekhiye
Sadgi to hamari…

Aye tere ataad ke roodad ho gaye hain hum
Tere ataad ke roodad ho gaye hain hum
Bade khuloos se barbaad ho gaye hain hum

…Zara dekhiye
Sadgi to hamari zara dekhiye
Etbaar aapke waade par kar liya
Sadgi to hamari zara dekhiye
Sadgi to hamari zara dekhiye

Sadgi to hamari zara dekhiye
Etbaar aapke waade par kar liya
Etbaar aapke waade par kar liya

Baat toh sirf ek raat ki thi, magar
Baat toh sirf ek raat ki thi, magar
Intezaar aapka umr-bhar kar liya
Intezaar aapka umr-bhar kar liya

Intezaar aapka umr-bhar kar liya
Kar liya, kar liya
Baat toh sirf ek raat ki thi, magar
Intezaar aapka umr-bhar…

Baat toh sirf ek raat ki thi, magar
Intezaar aapka umr-bhar kar liya

Ishq mein uljhanein pehle hi kam na thi
Ishq mein uljhanein pehle hi kam na thi
Ishq mein uljhanein pehle hi kam na thi
Ishq mein uljhanein pehle hi kam na thi

Ishq mein uljhanein pehle hi kam na thi
Ishq mein uljhanein pehle hi kam na thi
Kam na thi, kam na thi
Ishq mein uljhanein pehle hi kam na thi

Ishq mein uljhanein pehle hi kam na thi
Ishq mein uljhanein pehle hi kam na thi
Aur paida naya dard-e-sar kar liya
Aur paida naya dard-e-sar kar liya

Log darte hain qaatil ki parchhai se
Log darte hain qaatil ki parchhai se
Humne qaatil ke dil mein bhi ghar kar liya
Log darte hain qaatil ki parchhai se
Humne qaatil ke dil mein bhi ghar kar liya
Log darte hain qaatil ki parchhai se
Humne qaatil ke dil mein bhi ghar kar liya

Aye, zikr ek bewafa aur sitamgar ka tha
Zikr ek bewafa aur sitamgar ka tha
Zikr ek bewafa aur sitamgar ka tha
Zikr ek bewafa aur sitamgar ka tha
Zikr ek bewafa aur sitamgar ka tha

Shikva kiya sitam ka toh nam-deeda ho gaye
Tum toh zara si baat pe ranjeeda ho gaye

Zikr ek bewafa aur sitamgar ka tha
Zikr ek bewafa aur sitamgar ka…
Zikr ek bewafa aur sitamgar ka tha
Zikr ek bewafa aur sitamgar ka tha
Zikr ek bewafa aur sitamgar ka tha

Tera zulm nahi hai shaamil ‘gar meri barbadi mein
Phir yeh aankhein bheeg rahi hain kyun mere afsaane se?

तेरा ज़ुल्म नहीं है शामिल ‘गर मेरी बर्बादी में
फिर ये आँखें भीग रही हैं क्यूँ मेरे अफ़साने से?

Zikr ek bewafa aur sitamgar ka tha
Zikr ek bewafa aur…
Zikr ek bewafa aur sitamgar ka tha

Meri haalat dekhkar tum kyun pareshan ho gaye?

Zikr ek bewafa aur sitamgar ka tha
Zikr ek bewafa aur…
Zikr ek bewafa aur sitamgar ka tha

Zikr ek bewafa aur sitamgar ka tha
Zikr ek bewafa aur sitamgar ka tha
Aapka aisi baaton se kya vaasta?
Aapka aisi baaton se kya vaasta?

Zikr ek bewafa aur sitamgar ka tha
Aapka aisi baaton se kya vaasta?
Aap toh bewafa aur sitamgar nahi
Aapne kis liye munh udhar kar liya?
Aap toh bewafa aur sitamgar nahi
Aapne kis liye munh udhar kar liya?
Aap toh bewafa aur sitamgar nahi
Aapne kis liye munh udhar kar liya?

Aap toh bewafa aur sitamgar nahi
Aap toh bewafa aur sitamgar nahi
Aap toh bewafa…

Jab tuloo’ aaftaab hota hai
Gham ke saagar uchhal deta hoon
Tazkara jab wafa ka hota hai
Main tumhari misaal deta hoon

Aap toh bewafa aur sitamgar nahi
Aap toh bewafa…

Aap toh…
Aap toh bewafa aur sitamgar nahi
Aap toh bewafa aur…

Kyun aankh milaai thi? Kyun aag lagayi thi?
Ab rukh kyun chhupa baithe karke mujhe deewana?

Aap toh bewafa aur sitamgar nahi
Aap toh…

Aap toh bewafa aur sitamgar nahi
Aap toh bewafa aur sitamgar nahi
Aapne kis liye munh udhar kar liya?
Aap toh bewafa aur sitamgar nahi
Aapne kis liye munh udhar kar liya?

Zindagi-bhar ke shikve-gile the bahut
Zindagi-bhar ke shikve-gile the bahut
Zindagi-bhar ke shikve-gile the bahut
Waqt itna kahan tha ke dohraate hum
Waqt itna kahan tha ke dohraate hum

Zindagi-bhar ke shikve-gile the bahut
Waqt itna kahan tha ke dohraate hum
Ek hichki mein keh daali sab daastan
Ek hichki mein keh daali sab daastan
Humne qisse ko yoon muqhtasar kar liya
Ek hichki mein keh daali sab daastan
Humne qisse ko yoon muqhtasar kar liya

Aye, beqaraari milegi, lutega sukoon
Beqaraari milegi, lutega sukoon
Beqaraari milegi, lutega sukoon

Aye, beqaraari milegi, lutega sukoon
Chain chhin jayega, neend ud jaayegi
Apna anjaam sab humko maalum tha
Apna anjaam sab humko maalum tha
Aap se dil ka sauda magar kar liya

Apna anjaam sab humko maalum tha
Aap se dil ka sauda magar kar liya
Apna anjaam sab humko maalum tha
Aap se dil ka sauda magar kar liya
Apna anjaam sab humko maalum tha
Aap se dil ka sauda magar kar liya

Aap se dil ka sauda magar kar liya
Kar liya, kar liya, kar liya
Apna anjaam sab humko maalum tha
Aap se dil ka sauda magar kar liya

Aye, zindagi ke safar mein bahut door tak
Zindagi ke safar mein bahut door tak
Zindagi ke safar mein bahut door tak

Zindagi ke safar mein bahut door tak
Jab koyi dost aaya na humko nazar
Jab koyi dost aaya na humko nazar

Humne ghabra ke tanhaiyon se saba
Humne ghabra ke tanhaiyon se saba
Ek dushman ko khud humsafar kar liya
Humne ghabra ke tanhaiyon se saba
Ek dushman ko khud humsafar kar liya

Humne ghabra ke tanhaiyon se saba
Ek dushman ko khud humsafar kar liya
Humne ghabra ke tanhaiyon se saba
Ek dushman ko khud humsafar kar liya

Sadgi to hamari zara dekhiye
Etbaar aapke waade par kar liya
Sadgi to hamari zara dekhiye
Etbaar aapke waade par kar liya

Sadgi To Hamari Zara Dekhiye Song Details:

Album : Sadgi To Hamari Zara Dekhiye
Lyricist(s) : Nusrat Fateh Ali Khan
Composers(s) : Nusrat Fateh Ali Khan
Music Director(s) : Nusrat Fateh Ali Khan
Genre(s) : Qawwali
Music Label : Oriental Star Agencies Ltd.
Starring : Nusrat Fateh Ali Khan

Sadgi To Hamari Zara Dekhiye Song Video:

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